4 मार्च होली के दिन इस पेड़ को छूकर आ जाना 2 दिन के अंदर आपकी गरीबी होगी दूर Premanand Ji Maharaj

Premanand Ji Maharaj : हिंदू धर्म में होली केवल रंगों का मेलजोल नहीं, बल्कि ब्रह्मांडीय ऊर्जाओं के मिलन का महापर्व है। शास्त्रों के अनुसार, फाल्गुन मास की पूर्णिमा पर प्रकृति अपनी पूरी शक्ति में होती है। इस वर्ष 4 मार्च 2026 को आने वाली होली पर कुछ विशेष आध्यात्मिक प्रयोगों द्वारा आप अपने जीवन से दरिद्रता का अंत कर सकते हैं।

कहा जाता है कि स्वयं भगवान शिव ने लंकापति रावण को उन ‘दिव्य वृक्षों’ के रहस्य बताए थे, जिनमें देवी-देवताओं का साक्षात वास होता है। आइए जानते हैं, इस होली पर किन वृक्षों को छूने मात्र से आपके जीवन में सुख-समृद्धि का संचार हो सकता है।

1. बेल वृक्ष: साक्षात शिव-शक्ति का वास

स्कंद पुराण के अनुसार, बेल के वृक्ष की जड़ों में मां गिरिजा, तने में मां माहेश्वरी और शाखाओं में मां लक्ष्मी का वास होता है।

  • चमत्कारी लाभ: होली के दिन बेल के वृक्ष को स्पर्श कर अपनी मनोकामना बोलने से जन्म-जन्मांतर के पाप कटते हैं।
  • उपाय: शाम के समय बेल के नीचे गाय के घी का दीपक जलाएं। यह प्रयोग आपको धनवान और ओजस्वी बनाता है।

2. शमी का वृक्ष: शत्रुओं और रोगों का नाशक

शमी को मां जगदंबा का स्वरूप और शनि देव का प्रिय माना जाता है।

  • चमत्कारी लाभ: यदि घर में कोई व्यक्ति लंबे समय से बीमार है, तो होली पर शमी का स्पर्श संजीवनी की तरह काम करता है।
  • उपाय: बीमार व्यक्ति के सिर से 7 बार सिंदूर वारकर शमी की जड़ में अर्पित करें। इससे भारी कर्ज और शत्रु बाधा से भी मुक्ति मिलती है।

3. पीपल: वृक्षों का राजा और सौभाग्य का प्रदाता

श्रीमद्भगवद्गीता में भगवान कृष्ण ने स्वयं को वृक्षों में ‘पीपल’ कहा है। इसमें त्रिदेव (ब्रह्मा, विष्णु, महेश) का संगम होता है।

  • चमत्कारी लाभ: होली पर पीपल को प्रणाम करने से राहु-केतु और शनि के दोष शांत होते हैं।
  • उपाय: 108 बार ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करते हुए पीपल की परिक्रमा करें। ध्यान रहे, सूर्यास्त के बाद पीपल को स्पर्श न करें।

4. पारिजात (हरसिंगार): स्वर्ग से आया धनदायक वृक्ष

पारिजात की उत्पत्ति समुद्र मंथन से हुई थी। यह वृक्ष साक्षात लक्ष्मी कृपा का द्वार माना जाता है।

  • चमत्कारी लाभ: होली की संध्या को पारिजात को छूने से मानसिक तनाव और शारीरिक थकान का नाश होता है।
  • उपाय: पारिजात के 5 सूखे फूलों को पीले कपड़े में बांधकर अपनी तिजोरी में रखें। इससे घर में कभी धन की कमी नहीं होगी।

5. वट वृक्ष (बरगद): अखंड सौभाग्य की प्राप्ति

वट वृक्ष को अक्षय माना जाता है, जिसमें शिव का वास है। यह दीर्घायु और स्थिरता का प्रतीक है।

  • चमत्कारी लाभ: होली के दिन वट वृक्ष के स्पर्श से पारिवारिक क्लेश दूर होते हैं।
  • उपाय: वट की जड़ों में कच्चा दूध और जल अर्पित करें। यह उपाय संतान सुख और दांपत्य जीवन में मधुरता लाता है।

6. आम का पेड़: मांगलिक कार्यों का आधार

आम का पल्लव हर शुभ कार्य की शोभा बढ़ाता है। यह सकारात्मक ऊर्जा का सबसे बड़ा केंद्र है।

  • चमत्कारी लाभ: इसकी पूजा से घर की नकारात्मक शक्तियां नष्ट होती हैं।
  • उपाय: होली पर आम के तने पर सात बार ‘कच्चा सूत’ लपेटें और अपनी मन्नत मांगें। इससे रुकी हुई प्रगति के द्वार खुलते हैं।

होली पर पूजा की सरल विधि (4 मार्च 2026)

यदि आप इन वृक्षों का पूर्ण लाभ लेना चाहते हैं, तो इस विधि का पालन करें:

  1. शुद्धिकरण: होली के दिन सुबह जल्दी स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें।
  2. भाव: वृक्ष के पास जाते समय मन में पूर्ण श्रद्धा रखें, ‘वृक्ष’ को जड़ न मानकर ‘देवता’ स्वरूप मानें।
  3. स्पर्श व मंत्र: मौन रहकर वृक्ष का स्पर्श करें और अपनी इच्छा मन ही मन कहें। ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ या ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करें।
  4. अर्पण: जल, अक्षत और दीपक समर्पित करना विशेष फलदायी होता है।

शास्त्रों और गुरुजनों का मत है कि “विश्वासो फलदायकः” यानी आपका विश्वास ही फल देता है। इस होली पर प्रकृति के इन उपहारों (देव वृक्षों) के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करें और उनके आशीर्वाद से अपने जीवन की दरिद्रता को सदा के लिए विदा करें।

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